K-9 Squad: ट्रेनिंग के मुख्य चरण में ये यूनिट चरस, गांजा, हेरोइन, ब्राउन शुगर और सिंथेटिक ड्रग्स जैसी खास प्रतिबंधित चीजों की गंध पहचानना सीखती है. तैनाती से पहले तीन महीने की अतिरिक्त ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें कुत्तों को हर परिस्थिति से निपटने के हिसाब से ढाला जाता है. उन्हें भीड़भाड़ वाली चौकियों या शोर-शराबे वाले माहौल में सर्च ऑपरेशंस जैसी स्थितियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है.
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